हुलिया बदलने में माहिर था ये गैंगस्टर, जेल में शादी, कैद में पत्नी बनी थी मां

पटना.गैंगस्टर मुकेश पाठक ने साल 2003 में अपने चचेरे भाई प्रेमनाथ पाठक की हत्या कर अपराध की दुनिया में कदम रखा था। कहा जाता है कि मुकेश क्राइम के बाद पुलिस से बचने के लिए हुलिया बदलने में माहिर था। जेल में बंद रहने के दौरान उसे जेल में ही बंद पूजा नाम की लड़की से प्यार हुआ और फिर दोनों ने जेल में ही शादी की। जेल में रहने के दौरान ही उसकी पत्नी पूजा मां बनी थी। कई बैंकों में थे 80 से ज्यादा अकाउंट…
साल 2003 में 8 मई आपसी विवाद में मुकेश पाठक ने अपने चचेरे भाई की गोली मार हत्या कर दी थी। अपने घर से 200 मीटर की दूरी पर रामपुरशंकर में उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया और बाइक से फरार हो गया। इस मामले में पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई की और 2004 में सीतामढ़ी के डुमरा से उसे अरेस्ट कर लिया गया। इसके बाद जमानत पर छूटने पर 10 दिसंबर 2010 को उसने अपने साथियों के साथ मेहसी हरपुरनाग पंचायत के मुखिया के पति चुन्नू ठाकुर की दिनदहाड़े हत्या कर दी। वारदात से गुस्साए लोगों ने मेहसी मडुआबाद स्थित मुकेश पाठक के घर में आग लगा दी थी। हालांकि उस समय उसके घर पर कोई नहीं था। इस घटना के बाद मेहसी कई दिनों तक पुलिस छावनी में तब्दील रहा। काफी दिनों तक मुकेश पुलिस से बचता रहा। 17 जनवरी 2012 को एसटीएफ की टीम मुकेश पाठक और उसके साथी संतोष झा को रांची से अरेस्ट कर मोतिहारी लाई थी।
दरभंगा में दो इंजीनियर की हत्या के बाद चर्चा में आया था मुकेश
साल 2016 में दरभंगा में दो इंजीनियरों की हत्या के बाद मुकेश चर्चा में आया था। पुलिस के मुताबिक, मुकेश के करोड़ों रुपए वास्कोडिगामा (गोवा) से लेकर पटना के बैंकों में जमा हैं। मुकेश किडनैपिंग, रंगदारी और लूट जैसे वारदात को अंजाम देने के बाद मिलने वाले पैसों को बैंकों में जमा कर देता था। कई बैंकों में उसके 80 से अधिक एकाउंट है। 11 जुलाई 2016 को कई दिनों से फरार चल रहे मुकेश पाठक को पुलिस ने रांची के रामगढ़ से अरेस्ट किया था।
पत्नी के प्रेग्नेंट होने के बाद जेल से फरार हुआ था मुकेश

जेल में शादी और फिर पत्नी के प्रेग्नेंट होने के बाद 20 जुलाई 2015 को मुकेश शिवहर अस्पताल में जवानों को नशा खिला कर फरार हो गया था। बताया जाता है कि मुकेश पाठक अपने गैंग के मेंबर्स को महीने की सैलरी देता था। वो शूटरों को 10 से 35 हजार रुपए तक सैलरी देता था। मुकेश के गैंग में शामिल मेंबर पिस्टल, कट्टा और राइफल के साथ AK-47 जैसे खतरनाक हथियार से लैस रहते थे।

पत्नी से करता था बेइंतेहा प्यार

मुकेश अपनी पत्नी सलोनी देवी से बहुत प्यार करता था। दोनों की एक बेटी थी जिसका नाम है श्वेता। सलोनी दूसरे बच्चे की मां बनने वाली थी कि जमीन के विवाद में मुकेश के चचेर भाई सुशील तिवारी ने 4 मार्च 2003 की रात गोली मारकर सलोनी की हत्या कर दी। सूत्रों का कहना है कि सुशील मुकेश पाठक को गोली मारने आया था, लेकिन गलती से गोली सलोनी को लग गयी। जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। बताया जाता है कि मुकेश पर ही सलोनी की हत्या का आरोप लगा। इसके बाद वो कई अफसरों के पास गया और खुद को बेकसूर बताया लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं मानी।
तीन साल की बेटी ने दी थी गवाही
जब सलोनी मर्डर केस की जांच चल रही थी तब डीएसपी के सामने मुकेश की 3 साल की बेटी श्वेता ने कहा था कि उसकी मां की हत्या उसके पिता ने नहीं बल्कि चाचा ने किया है। बेटी के इस बायन पर मुकेश पत्नी की हत्या के आरोप से मुक्त हो गया। इसके बाद सलोनी के हत्यारे फरार हो गए। कहा जाता है कि इसी के बाद मुकेश ने पत्नी के हत्यारों से बदला लेने के लिए हथियार उठाया और फिर 8 मई 2003 को चचेरे भाई प्रेमनाथ पाठक की गोली मारकर हत्या कर दी। सुशील और प्रेमनाथ पाठक ने मिलकर ही मुकेश की पहली पत्नी सलोनी देवी की हत्या कर दी थी।

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